कहते हैं कि बड़ी जीत के बाद इंसान को थोड़ा आराम करना चाहिए। लेकिन टीम इंडिया ने इस सलाह को कुछ ज़्यादा ही दिल से लगा लिया। टी20 विश्व कप 2026 जीतने के बाद खिलाड़ी शायद अभी तक ट्रॉफी के साथ सेल्फी और सम्मान समारोहों के मूड से बाहर ही नहीं निकले थे। उधर आयरलैंड ने सोचा-"जब मेहमान इतने रिलैक्स हैं, तो इतिहास क्यों न बना लिया जाए?" नतीजा, बेलफास्ट में भारत 0-2 से सीरीज हार गया और आयरलैंड ने पहली बार भारत के खिलाफ टी20 सीरीज जीत ली।
कप्तान श्रेयस अय्यर: नेतृत्व का 'वर्क-फ्रॉम-पवेलियन' मॉडल
श्रेयस अय्यर को पहली बार कप्तानी मिली। जिम्मेदारी बड़ी थी, इसलिए उन्होंने खुद पर ज़्यादा बोझ नहीं डाला। पहले मैच में 3 रन, दूसरे में 10 रन बनाकर जल्दी-जल्दी पवेलियन लौटे, ताकि बाकी खिलाड़ियों को नेतृत्व का भरपूर मौका मिल सके। कप्तानी में भी उन्होंने लोकतंत्र का शानदार उदाहरण पेश किया-मैच जीतने की जिम्मेदारी पूरे दल में बराबर बांट दी।
संजू सैमसन: "मौका मिला... और तुरंत वापस कर दिया"
सालों से सोशल मीडिया पर ट्रेंड चल रहा था-"संजू को मौका दो।" मौका मिला भी। पहले मैच में 5 रन बनाए और दूसरे मैच में पहली ही गेंद पर बोल्ड होकर साबित कर दिया कि समय की कीमत क्या होती है। कुछ लोग आधा घंटा बल्लेबाजी करके आउट होते हैं, संजू ने कुछ सेकंड में ही काम पूरा कर दिया।
ईशान किशन: आईपीएल का शेर, इंटरनेशनल में 'लो बैटरी'
आईपीएल में चौके-छक्कों की बारिश करने वाले ईशान किशन बेलफास्ट पहुंचते-पहुंचते शायद अपना चार्जर भूल गए। पहले मैच में 1 रन और दूसरे में 12 रन बनाकर उन्होंने यह याद दिलाया कि फॉर्म का वीजा हर देश में वैध नहीं होता।
अक्षर पटेल: ऑलराउंडर, लेकिन इस बार 'ऑल-इन-वन' नहीं चले
सीनियर खिलाड़ी होने के नाते टीम को उनसे काफी उम्मीद थी। पहले मैच में दो विकेट लेकर उम्मीद जगाई, लेकिन दूसरे मैच में उन्होंने सोचा कि संतुलन बनाए रखना भी जरूरी है, इसलिए विकेट कॉलम खाली छोड़ दिया। बल्लेबाजी में भी उन्होंने इतने रन बनाए कि स्कोरबोर्ड चलता रहे, लेकिन विपक्ष पर दबाव न पड़े।
तिलक वर्मा: टी20 में टेस्ट क्रिकेट का सांस्कृतिक संरक्षण
जब पूरी दुनिया टी20 को तेज़ बनाने में लगी है, तब तिलक वर्मा ने क्रिकेट की पुरानी परंपराओं को बचाने का बीड़ा उठाया। 46 गेंदों पर 55 रन बनाकर उन्होंने बताया कि धैर्य अभी ज़िंदा है। शायद उनका मानना था कि अगर मैच जल्दी खत्म हो गया तो दर्शकों को टिकट का पूरा पैसा वसूल कैसे होगा?
आखिर में...
इस हार के साथ भारत की लगातार 16 द्विपक्षीय टी20 सीरीज जीतने का सिलसिला भी खत्म हो गया। उधर आयरलैंड आज भी शायद यकीन नहीं कर पा रहा होगा कि जिस टीम ने दुनिया जीत ली, वही टीम बेलफास्ट में उन्हें इतिहास बनाने का मौका देकर चली गई।
खैर, विश्व कप जीतने के बाद थोड़ा "हैंगओवर" तो बनता है। उम्मीद है कि अगली सीरीज तक टीम इंडिया फिर से क्रिकेट खेलने के मूड में लौट आएगी। आखिर ट्रॉफियां अलमारी में अच्छी लगती हैं, लेकिन सीरीज भी कभी-कभी जीत लेना चाहिए।



