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दिल्ली बनी 'नेचुरल तंदूर'; जब 50 डिग्री के 'फील लाइक' तापमान ने सबको 'मुफ़्त' में मोमोज बना दिया!

दिल्ली में 50°C जैसा अहसास, रात भी गर्म और बारिश का इंतजार। पढ़िए राजधानी की भीषण गर्मी और उमस पर एक मजेदार व्यंग्य।

दिल्ली बनी 'नेचुरल तंदूर'; जब 50 डिग्री के 'फील लाइक' तापमान ने सबको 'मुफ़्त' में मोमोज बना दिया!

नई दिल्ली: दिल्लीवाले हमेशा से कुछ 'असाधारण' अनुभव करने के शौकीन रहे हैं, और प्रकृति भी उनकी इस इच्छा का पूरा सम्मान करती है। इसी का नतीजा है कि इन दिनों राजधानी दिल्ली भीषण गर्मी और उमस के ऐसे कॉम्बिनेशन का मजा ले रही है, जिसके आगे दुनिया के महंगे से महंगे 'स्टीम बाथ' और 'सॉना' फेल हैं। रविवार को दिल्ली का 'फील लाइक' तापमान 50 डिग्री सेल्सियस पार कर गया। यानी मौसम विभाग कहना चाह रहा है कि भले ही थर्मामीटर में तापमान कुछ और हो, लेकिन आपकी त्वचा को जो 'तंदूर' वाला फील आ रहा है, वह बिल्कुल असली और प्रामाणिक है!

इस बार की गर्मी की सबसे बड़ी खासियत इसकी '24 घंटे की शिफ्ट' है। दिन में तो सूरज देवता अपनी ड्यूटी पूरी शिद्दत से निभा ही रहे हैं, रात ने भी पिछले दो साल के रिकॉर्ड तोड़कर साबित कर दिया कि वह दिन से पीछे नहीं रहने वाली। नतीजा यह है कि दिल्लीवाले अब '24-घंटे हीट स्ट्रेस' के अनूठे पैकेज का आनंद ले रहे हैं। दिन में निकलो तो लगता है कि सीधे आग के दरिया में कूद गए हैं, और रात को बेड पर लेटो तो ऐसा 'फील लाइक' होता है जैसे किसी ने आपको उबलते हुए सूप में कटी हुई सब्जी की तरह डाल दिया हो।

उमस और मानसून का जुगलबंदी ड्रामा: मौसम विशेषज्ञों ने इस स्थिति का बहुत वैज्ञानिक कारण बताया है। उनका कहना है कि हवा में नमी (ह्यूमिडिटी) बढ़ गई है। सरल भाषा में कहें तो, दिल्ली इस समय पानी और आग का वह मिश्रण झेल रही है जिसे साइंस की भाषा में 'उमस' और आम भाषा में 'बिना तेल के फ्राई होना' कहते हैं। मानसून बाबा भी इस समय दिल्ली के ऑफिसों के सरकारी बाबुओं की तरह व्यवहार कर रहे हैं- आने की फाइल तो कब की आगे बढ़ चुकी है, लेकिन मौके पर वे कब पहुँचेंगे, इसका अंदाज़ा खुद आईएमडी (IMD) को भी नहीं है।

बहरहाल, मौसम विभाग ने हमेशा की तरह अपनी जादुई छड़ी घुमाते हुए दिल्ली-एनसीआर के लिए 'येलो अलर्ट' जारी कर दिया है। उन्होंने भविष्यवाणी की है कि अगले दो दिनों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, गरज-चमक होगी और तेज हवाएं चलेंगी। दिल्लीवाले इस भविष्यवाणी को सुनकर ठीक वैसे ही मुस्कुरा रहे हैं, जैसे कोई किसी चुनावी वादे को सुनकर मुस्कुराता है। लोग अब बादलों को देखकर यही कह रहे हैं-"भैया, जो भी करना है जल्दी करो, वरना हम सब विलुप्त होने की कगार पर खड़े हैं। "

इस बीच, विशेषज्ञों ने बेहद अनमोल और ऐतिहासिक सलाह दी है। उन्होंने कहा है कि दोपहर के समय 'अनावश्यक' रूप से बाहर न निकलें। अब इस 'अनावश्यक' शब्द की परिभाषा क्या है, यह कोई नहीं जानता। क्या ऑफिस जाना आवश्यक है? क्या इस उमस में पानी पीने के लिए उठना आवश्यक है? खैर, उन्होंने बच्चों, बुजुर्गों और बीमारों को अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा है। वैसे, जिस तरह की दिल्ली में गर्मी पड़ रही है, उसे देखकर तो लगता है कि अब सामान्य और स्वस्थ इंसानों को भी खुद को 'स्पेशल केयर यूनिट' में डाल लेना चाहिए। तब तक के लिए, दिल्लीवासियों, अपने घरों में रहिए, उबलते रहिए और मौसम विभाग के 'येलो अलर्ट' के गुलाबी सपने देखते रहिए!