भारतीय समाज में ससुराल से मिलने वाले गिफ्ट की परंपरा पुरानी है। कभी मिठाई का डिब्बा, कभी फ्रिज, कभी कार और कभी त्योहार पर लिफाफा। लेकिन अब लगता है कि गिफ्ट देने की परंपरा भी "अपग्रेड" हो गई है। अगर बातों पर भरोसा करें तो कुछ लोगों की किस्मत ऐसी होती है कि ससुराल वाले सीधे करोड़ों रुपये की संपत्ति ही गिफ्ट कर देते हैं।
उत्तर प्रदेश के एक रिटायर्ड एआरटीओ साहब ने भी जब करोड़ों रुपये की संपत्ति का हिसाब देना पड़ा, तो जवाब मिला-"यह सब ससुराल वालों का प्यार है।" सुनने वाले भी कुछ देर के लिए सोच में पड़ गए होंगे कि आखिर ऐसे ससुराल मिलते कहां हैं? जहां शादी के बाद दामाद को आशीर्वाद के साथ करोड़ों की संपत्ति भी सौंप दी जाती हो।
अब बेचारे आम दामाद अपनी किस्मत को कोस रहे होंगे। उन्हें तो शादी के बाद कभी-कभी सिर्फ मिठाई का डिब्बा, एक जोड़ी कपड़े या त्योहार पर लिफाफा ही नसीब होता है। अगर कहीं टीवी मिल जाए तो पूरे मोहल्ले में चर्चा हो जाती है। लेकिन यहां तो मामला सीधे करोड़ों की संपत्ति तक पहुंच गया।
सोशल मीडिया पर भी लोग शायद अब नए रिश्ते तलाशने लगें-"ऐसा ससुराल चाहिए, जहां गिफ्ट में प्लॉट, सोना और बैंक बैलेंस मिले।" शादी की वेबसाइटों पर नया कॉलम भी जुड़ सकता है-"गिफ्ट देने की संभावित क्षमता।"
हालांकि, जांच एजेंसियां भावनाओं से नहीं, दस्तावेजों से काम करती हैं। वहां "ससुराल का प्यार" तभी माना जाता है, जब उसके साथ कागज, रिकॉर्ड और सबूत भी मौजूद हों। आखिर सरकारी फाइलों में रिश्तों की मिठास नहीं, केवल प्रमाण चलते हैं।
इस पूरे मामले ने एक बात तो साफ कर दी है कि अब आय से अधिक संपत्ति के मामलों में "ससुराल का गिफ्ट" भी एक नया चर्चित बहाना बन गया है। लेकिन अगर गिफ्ट इतना बड़ा हो कि जांच एजेंसियों की भौंहें उठ जाएं, तो समझ लीजिए कहानी सिर्फ पारिवारिक नहीं, कानूनी भी हो सकती है।
(यह व्यंग्य केवल हास्य और सामाजिक टिप्पणी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसका उद्देश्य किसी चल रही जांच या न्यायिक प्रक्रिया पर निष्कर्ष देना नहीं है।) Photo: Social Media



