फुटबॉल की दुनिया में कुछ लोग गोल करते हैं, कुछ मैच जिताते हैं और कुछ इतिहास बनाते हैं। लेकिन लियोनेल मेसी शायद उस श्रेणी के खिलाड़ी हैं, जो इतिहास को भी ओवरटाइम करवाते हैं। 38 साल की उम्र में उन्होंने ऑस्ट्रिया के खिलाफ दो गोल दागकर अर्जेंटीना को नॉकआउट में पहुंचाया और विश्व कप में सबसे ज्यादा गोल करने का नया रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।
अब हालत यह है कि रिकॉर्ड बुक के पन्ने भी मेसी को देखकर कांपने लगे हैं। हर टूर्नामेंट में कोई न कोई रिकॉर्ड टूटता है और लोग पूछते हैं, "इस बार मेसी ने क्या नया कर दिया?" ऐसा लगता है कि मेसी ने रिकॉर्ड बनाने को अपनी हॉबी और रिकॉर्ड तोड़ने को फुल-टाइम जॉब बना लिया है।
सबसे मजेदार बात तो यह रही कि मेसी की इस उपलब्धि पर गूगल भी खुद को रोक नहीं पाया। जैसे ही लोगों ने "Messi" सर्च किया, गूगल ने खास एनिमेशन और बधाई संदेश के साथ इस ऐतिहासिक पल का जश्न मनाना शुरू कर दिया। अब समझिए, जब दुनिया का सबसे बड़ा सर्च इंजन भी किसी खिलाड़ी को सलाम करे, तो वह खिलाड़ी नहीं, चलता-फिरता इतिहास होता है।
ऑस्ट्रिया की टीम मैदान में जीतने उतरी थी, लेकिन सामने मेसी थे। ऐसे में विरोधी टीम के खिलाड़ियों की हालत अक्सर उस छात्र जैसी हो जाती है, जिसने पूरे साल पढ़ाई की हो और परीक्षा में सवाल सिलेबस से बाहर आ जाएं। मेसी कभी बाएं निकल जाते हैं, कभी दाएं और कभी सीधे रिकॉर्ड बुक के ऊपर से छलांग लगा देते हैं।
फुटबॉल प्रेमियों का कहना है कि अब विश्व कप में दो तरह के मुकाबले होते हैं-एक अर्जेंटीना का मैच और दूसरा यह अंदाजा लगाने का कि मेसी अगला कौन-सा रिकॉर्ड तोड़ेंगे। उनकी उम्र 38 साल है, लेकिन मैदान पर उनका उत्साह देखकर लगता है कि कैलेंडर ने उम्र बढ़ाई है, दिल ने नहीं।
अर्जेंटीना नॉकआउट में पहुंच चुका है और दुनिया की निगाहें फिर मेसी पर टिकी हैं। कहीं ऐसा न हो कि अगले मैच के बाद गूगल को फिर से नया बधाई एनिमेशन बनाना पड़े।
भौकालगुरु कह रहे हैं- मेसी अब सिर्फ फुटबॉलर नहीं रहे, वे एक ऐसी आदत बन चुके हैं, जो हर बड़े टूर्नामेंट में दुनिया को याद दिलाती है कि महानता की कोई एक्सपायरी डेट नहीं होती!



