वाह! इसे कहते हैं प्यार की ऊंचाइयां छूना। असम के गुवाहाटी में एक दिलफेंक कारोबारी ने साबित कर दिया कि जब दिल में पत्नी के लिए 42 कैरेट का प्यार उमड़ रहा हो, तो घर का ड्रॉइंग रूम छोटा पड़ जाता है। आखिर ब्रह्मपुत्र नदी पर बना 'कुमार भास्कर वर्मा सेतु' किस काम आएगा? सरकार तो फ्लाईओवर सिर्फ गाड़ियां दौड़ाने के लिए बनाती है, पर असली विज़नरी (दूरदर्शी) लोग जानते हैं कि वहां 'बर्थडे पार्टी' का ग्रैंड वेन्यू (Venue) छिपा है।
पतिदेव ने सोचा होगा-"चांद-तारे तोड़कर लाने का ज़माना पुराना हुआ, इस बार बेगम को सीधे फ्लाईओवर पर रेड कार्पेट बिछाकर सरप्राइज दूंगा।" फिर क्या था, गुब्बारे फुलाए गए, आतिशबाजी हुई, और चार-चार लग्जरी गाड़ियां (लैंड रोवर से लेकर मर्सिडीज तक) ऐसे खड़ी की गईं जैसे फ्लाईओवर नहीं, कारोबारी साहब के ससुर जी का निजी लॉन हो।
पर अफ़सोस! इस देश में लोग कला और रोमांस की कद्र करना ही भूल गए हैं। जलने वाले सोशल मीडिया यूज़र्स ने वीडियो देखते ही 'पब्लिक सेफ्टी' और 'ट्रैफिक जाम' का रोना रोना शुरू कर दिया। अब कोई इन जाहिलों को समझाए कि जब मर्सिडीज की लाइटें चमक रही हों और रेड कार्पेट बिछा हो, तो आम जनता को दो-चार घंटे नीचे ही रुककर इस शाही नज़ारे का लुत्फ उठाना चाहिए था। आखिर किसी की पत्नी का 42वां जन्मदिन रोज़-रोज़ थोड़े ही आता है!
लेकिन सबसे बड़े 'विलेन' साबित हुए पुलिस वाले। उन्होंने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की ऐसी धाराएं लगाईं कि पार्टी का सारा नशा एक झटके में हिरन हो गया। पुलिस ने 'रिटर्न गिफ्ट' के तौर पर कारोबारी, उनकी धर्मपत्नी और 12 मेहमानों को सीधे हिरासत का वीआईपी पास थमा दिया। जिन लग्जरी गाड़ियों में बैठकर लोग 'हैप्पी बर्थडे' गा रहे थे, उन्हें पुलिस अपने साथ 'ड्रैग रेस' करवाकर थाने ले गई।
अब कारोबारी साहब और उनके 13 साथी पुलिस कस्टडी में बैठकर आराम से गा सकते हैं-"हैप्पी बर्थडे टू यू...



