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टॉक-टाइम लिमिट खत्म! रूममेट की 'बक-बक' का ऐसा खौफनाक इलाज कि दुनिया रह गई दंग।

जापान में रूममेट की ज्यादा बातें सुनकर महिला ने ऐसा खौफनाक कदम उठा लिया कि मामला पुलिस तक पहुंच गया। व्यंग्य के जरिए पढ़िए, गुस्से की कीमत और धैर्य का महत्व।

टॉक-टाइम लिमिट खत्म! रूममेट की 'बक-बक' का ऐसा खौफनाक इलाज कि दुनिया रह गई दंग।

कहा जाता है कि 'एक चुप, सौ सुख'। लेकिन जापान के इबाराकी प्रांत में एक दीदी ने इस मुहावरे को इतनी शिद्दत से दिल पर ले लिया कि उन्होंने सीधे 'मैनुअल साइलेंसर' ही ईजाद कर डाला। 49 साल की मसाए सकुराई ने अपनी 42 साल की रूममेट को हमेशा के लिए 'म्यूट' करने का जो तरीका निकाला, उसे देखकर खुद यमराज भी अपनी डायरी बंद कर सोच में पड़ गए होंगे।

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आज के इस दौर में जहां लोग रूममेट के ज्यादा बोलने पर ईयरफोन लगा लेते हैं, कमरा बदल लेते हैं या ज्यादा से ज्यादा सोशल मीडिया पर उसे ब्लॉक कर देते हैं, वहां मसाए जी ने सीधे 'टेलरिंग' का सहारा लिया। उन्होंने अपनी रूममेट के होंठों को सुई-धागे से ऐसे सिला, मानो कोई फटा हुआ तकिया ठीक कर रही हों। इसे कहते हैं-आउट ऑफ द बॉक्स थिंकिंग, भले ही वह बॉक्स सीधे पागलखाने की तरफ खुलता हो!

'गूगल' की जगह 'कागज' ने बचाई जान

आमतौर पर जब रूममेट्स में झगड़ा होता है, तो लोग चिल्लाते हैं। लेकिन इस मामले में जब तक पीड़ित महिला 'अरे! मेरी बात तो सुनो...' कह पाती, तब तक मसाए जी ने दो-चार टांके लगा दिए थे। पीड़ित महिला के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि वह अपनी बात किसी को बता नहीं सकती थी। फोन पर सिरी या एलेक्सा भी उसकी दबी हुई आवाज़ को नहीं समझ पा रहे थे।

आख़िरकार, अगले दिन जब आरोपी 'टेलर' घर से बाहर गईं, तो पीड़िता ने अपनी जान बचाई। उन्होंने दुकान पर जाकर जो पर्चा दिया, वह किसी सस्पेंस थ्रिलर फिल्म से कम नहीं था। पर्चे पर लिखा था- "मदद करो, पुलिस को बुलाओ और हां, मुझे थोड़ा पानी भी दे दो, क्योंकि पीने का कोई और रास्ता बचा नहीं है।"

रूममेट चुनने की नई गाइडलाइन?

इस घटना के बाद अब शायद जापान में लोग फ्लैट रेंट पर लेने से पहले रूममेट से यह नहीं पूछेंगे कि:

  • "क्या तुम शाकाहारी हो?"
  • "क्या तुम समय पर किराया दोगी?"

बल्कि पहला सवाल यह होगा: "क्या तुम्हें सिलाई-कढ़ाई का शौक है? अगर हां, तो क्या तुम मशीन चलाती हो या हाथ से टांके लगाती हो?"

बहरहाल, पुलिस ने आरोपी मसाए को गिरफ्तार कर लिया है। अब जेल में उनका सामना ऐसे अपराधियों से होगा, जो शायद उनसे भी ज्यादा बोलते हों। देखना यह है कि पुलिस उन्हें वहां सुई-धागा ले जाने देती है या नहीं। तब तक के लिए, अगर आपका रूममेट भी बहुत ज्यादा बोलता है, तो शांति से ईयरफोन लगाइए, सुई-धागे की तरफ देखने की भूल बिल्कुल मत कीजिए!